बैंक खाते कितने प्रकार के होते है?

इस प्रकार का खाता मुख्य रूप से उद्यमी, फर्म और कंपनियों के लिए होता है। जिसके अकाउंट में पैसे की लेन देन सबसे ज्यादा होती है उनके पास चालू खाता होता है। ऐसे अकाउंट में लाखों रुपए आते हैं और निकालें भी जाते हैं। यानी कि अकाउंट पैसों के आदान-प्रदान में कार्यरत रहता है। इस प्रकार के खाते की खास बात यह है कि इसमें जमा करने या फिर पैसे निकालने के लिए किसी भी प्रकार की सीमा नहीं होती। चालू खाते के खाताधारक को उसके अकाउंट में पड़ी राशि का इंटरेस्ट नहीं मिलता।

बचत खाता:

नाम सुनते ही आपको समझ में आ गया होगा कि सेविंग अकाउंट बचत करने के लिए खोला जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके बचाए हुए पैसे पर इंटरेस्ट मिले तो आपको भी अपना बचत खाता खुलवाना पड़ता है। आप कितने पैसे जमा करवाएंगे उतना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। कोई भी सामान्य व्यक्ति, कंपनी में काम करने वाला, सरकारी नौकरी करने वाला, पेंशन पर रहने वाला या फिर कोई विद्यार्थी हो जिसे अपने पैसों को बचा कर रखना हो वह सेविंग अकाउंट खोल सकता है। इस खाते में से आप कभी भी अपने पैसे निकाल सकते हो और खाते में पैसे जमा भी करवा सकते हो।

इस प्रकार के खाते में पैसे जमा कराने की संख्या में कोई भी रिस्ट्रिक्शन नहीं होता परंतु पैसे बाहर निकालने की संख्या में कुछ प्रकार के रिस्ट्रिक्शन होते हैं। उदाहरण के रूप में आप ₹50 से कम पैसे नहीं निकाल सकते और 6 महीने के अंदर अंदर आप 30 बार से ज्यादा एटीएम से पैसे नहीं निकाल सकते। चालू खाते की तरह आप कभी भी, कहीं भी और जितना भी पैसा नहीं निकाल सकते। साथ ही साथ अपने ग्राहक को अपने अकाउंट में न्यूनतम राशि बनाए रखने के लिए बाध्य करती है।

आवर्ती खाता:

इस प्रकार के खाते में वे लोग खाता खोलते हैं जो एक निश्चित राशि नियमित रूप से जमा करना चाहते हैं और जिसके जरिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा ब्याज मिले। इस प्रकार के अकाउंट में एक खास राशि निर्धारित की गई अवधि मे हर महीने अकाउंट में जमा करवानी पडती है। निर्धारित की गई समय अवधि के समाप्त हो जाने पर ब्याज के साथ धनराशि का भुगतान कर दिया जाता है। राशि जमा करने के लिए न्यूनतम अवधि 1 साल की और अधिकतम अवधि 10 साल की होती है। ब्याज का दर जमा किए गए धनराशि और जमा की अवधि के हिसाब से अलग-अलग प्लान मे अलग-अलग होती है। उदाहरण के स्वरूप में यदि आप 10,000 हर महीने जमा करवाते हो तो आपको ज्यादा ब्याज मिलेगा। और यदि आप 4000 जमा करवाते हो तो आपको कम ब्याज मिलेगा। वैसे ही यदि आप ज्यादा समय के लिए पैसे जमा करवाते हो तो आपको ज्यादा ब्याज मिलेगा और यदि खाता कितने प्रकार के होते हैं? आप कम समय के लिए पैसे जमा कराते हो तो आपको कम ब्याज मिलेगा।

इस अकाउंट में समय से पहले पैसे निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। यदि बैंक चाहे तो खाता की अवधि पूरा होने के पहले उसे बंद करने की अनुमति दे सकता है। आवर्ती जमा खाता में सिंगल के साथ साथ जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है।

सावधी जमा खाता:

इस प्रकार के खाते में एक खास अवधि के लिए एक विशेष धनराशि जमा की जाती है। यहां पर एक बार ही धनराशि जमा करानी होती है और एक बार ही निकाल सकते हो। इसमें भी आप समय से पहले पैसे नहीं निकाल सकते। आपको निर्धारित की गई अवधि के पहले पैसे निकलवाने हो तो आपको बैंक द्वारा निर्धारित की गई पेनल्टी देनी पड़ती है। इसके बाद से आपका अकाउंट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाता है। फिक्स डिपॉजिट में खाताधारक को सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है। ब्याज का दर जमा की अवधि और पैसे के आधार पर निर्धारित किया जाता है जो अधिकतर 10 सालों तक होती है।

Last Final Word

यह थी बैंक में पाए जाने वाले खाते के बारे में जानकारी। हम उम्मीद करते हैं कि हमारी जानकारी से आपको फायदा रहा होगा। यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल हो गया हो तो हमें कमेंट के माध्यम से बताइएगा। हमारा आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए।

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BANK खाते कितने प्रकार के होते हैं – हिंदी में जानिए

BANK खाते कितने प्रकार के होते हैं – हिंदी में जानिए

चालू खाता मुख्य रूप से उद्द्यमी, फर्म, कम्पनी आदि के लिए होता है. जिनके अकाउंट में पैसा का फ्लो बहुत होता है…बहुत से मतलब…कि लाखों रुपये उनके अकाउंट में आते हैं और निकाल भी लिए जाते हैं….तो ऐसे लोग चालू खाता में अपने पैसे रखते हैं. ऐसे अमीर लोगों या फर्म को इन्वेस्टमेंट या अपने पैसे में इंटरेस्ट (interest) मिलने में कोई इंटरेस्ट नहीं रहता. चालू खाता की खूबी यह है कि इसमें deposit (जमा करने) या withdrawal (पैसे निकालने) की कोई सीमा नहीं है. चालू खाते में धारक को इंटरेस्ट नहीं मिलता. हाँ, बैंक उनसे सर्विस चार्ज जरुर लेती है.

2. बचत खाता- Savings Account

नाम से ही स्पस्ट है कि सेविंग अकाउंट सेविंग करने के लिए बनी है. हम-आप जैसे लोग चाहते हैं कि हमें हमारे जमे पैसे पर सूद (interest) मिले और कम-से-कम अपने अकाउंट से पैसे निकाले. जितना जमा उतना अच्छा. कोई भी व्यक्ति, चाहे वो किसी कंपनी में काम करता हो, सरकारी नौकर हो, पेन्शनर हो, छात्र हो….वह सेविंग अकाउंट में अपना अकाउंट खोल सकता है. जैसा मैंने बताया कि सेविंग अकाउंट में धारक को जमे पैसे पर इंटरेस्ट भी मिलता है. बचत खाता के धारक कभी भी अपने जमा धन को बैंक से निकाल सकते हैं और डाल सकते हैं. पैसे जमा करने की संख्या में restriction तो नहीं पर पैसे बाहर निकालने की संख्या में कुछ restrictions जरुर हैं. जैसे आप Rs. 50 से कम पैसे नहीं निकाल सकते या ATM से ६ महीने के अन्दर 30 से ज्यादा बार पैसे नहीं निकाल सकते (this policy changes time to time by banks). चालू खाते की तरह आप कभी भी, कहीं भी, जितना भी….पैसे नहीं निकाल सकते. अधिकांश बैंक अपने ग्राहक को अपने अकाउंट में न्यूनतम राशि बनाए रखने के लिए बाध्य करती है.

3. आवर्ती जमा खाता- Recurring Deposit Account

आवर्ती जमा खाता या Recurring Deposit Account या RD account में वे लोग खाता खोलते हैं जो एक निश्चित राशि नियमित रूप से जमा करना चाहते हैं जिससे कि उन्हें अधिक ऊँची दर पर सूद/ब्याज/इंटरेस्ट मिले. RD अकाउंट में एक ख़ास राशि एक तय अवधि के लिए हर महीने जमा की जाती है और तय की गयी अवधि के समाप्त हो जाने पर सूद के साथ कुल राशि का भुगतान कर दिया जाता है. जमा करने की न्यूनतम अवधि 1 साल और अधिकतम 10 साल की होती है. सूद की दर जमा पैसे और जमा की अवधि के हिसाब से अलग-अलग प्लान में अलग-अलग होती है. जैसे आप 10 हज़ार हर महीने जमा कर रहे हैं, तो आपको ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा….किसकी तुलना में? जो केवल 4 हज़ार हर महीने जमा कर रहा है उसे कम इंटरेस्ट मिलेगा. वहीं आप अधिक अवधि के लिए पैसे जमा करने वाले हैं तो आपको अधिक इंटरेस्ट मिलेगा और कम अवधि के लिए कम इंटरेस्ट. RD अकाउंट में समय से पहले निकासी (पैसा निकालने) की सुविधा नहीं है. वैसे, बैंक चाहे तो maturity (खाता की अवधि पूरा होने) के पहले उसे बंद करने की अनुमति दे सकता है. आवर्ती जमा खाता में single या joint account खोला जा सकता है.

4. सावधि जमा खाता- Fixed Deposit Account

सावधि जमा खाता या FD account में एक ख़ास अवधि के लिए एक विशेष राशि रखी जाती है. यहाँ एक बार ही पैसा जमा कर सकते हैं और एक बार ही निकाल सकते हैं. RD अकाउंट की ही तरह इस खाते से भी आप समय से पहले पैसे नहीं निकाल सकते. तय की गई अवधि के पहले पैसे निकालने से आपको बैंक को penalty देनी पड़ती है (हर बैंक द्वारा तय की गयी penalty amount अलग-अलग होती है) और अकाउंट को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाता है. फिक्स्ड डिपाजिट में उपभोक्ता को हाई इंटरेस्ट रेट दिया जाता है. इंटरेस्ट रेट जमा पैसे (deposited money) और जमा की अवधि (deposit period) के आधार पर तय की जाती है जो अधिकतम 10 साल तक लिए होती है.

कैसी लगी आपको ये Bank Account se Related पोस्ट हमें कमेन्ट के माध्यम से अवश्य बताये और आपको किस विषय की नोट्स चाहिए या किसी अन्य प्रकार की दिक्कत जिससे आपकी तैयारी पूर्ण न हो पा रही हो हमे बताये हम जल्द से जल्द वो आपके लिए लेकर आयेगे|

बैंक खाता कितने प्रकार के होते हैं (Bank Khata Kitne Prakar ke Hote Hai)

बैंक खाता कितने प्रकार के होते हैं (Bank Khata Kitne Prakar Ke Hote Hai) ये जानना बेहद जरूरी है क्योंकि कभी ना कभी आपको भी बैंक मे अकाउंट ओपेन कराने की आवश्यकता पड़ सकती है इसलिए आपको पता होनी चाहिए बैंक मे कितने तरह के खाते खोले जाते है तभी आप अपने लिए अपने फायदे के अनुसार खाता किसी भी बैंक मे ओपेन करा पाएंगे चलिए विस्तार से बात करते है किसी भी बैंक मे कितने प्रकार के अकाउंट ओपेन कराया जाता है यदि आपको खाते के विषय मे जानकारी नही है तो बने रहे हमारे साथ मै आपको विस्तार से बताउंगा बैंक अकाउंट कितने तरह के होते है आपको कौन सी खाता ओपेन कराना चाहिए!

बैंक खाता कितने प्रकार के होते है?
बैंक खाता कितने प्रकार के होते है?


कितने प्रकार के बैंक खाते खोले जाते है?

  • बचत खाता (Saving Account)
  • चालू खाता (Current Account)
  • सावधि जमा खाता (Fixed Deposit Account)
  • आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account)

बचत खाता (Saving Account) क्या है?

अधिकांश लोग बचत खाता इसलिए ओपेन कराते है इस खाते मे जब चाहे तब छोटी मोटी रकम जमा और निकाल सकते है यह खाता किसी भी बैंक मे न्यूनतम राशि मे खोल दिया जाता है तथा बचत खाते मे जमा रूपए पर सालाना बैंक द्वारा ब्याज भी दिया जाता है बचत खाते के लिए खाताधारक को डेबिट कार्ड, चेक बूक, मोबाईल बैकिंग, इंटरनेट बैंकिंग कि सुविधा दी जाती है!

चालू खाता (Current Account) क्या है?

करंट अकाउंट खासकर बिजनेस मैन, छोटे-बड़े कंपनी, स्कूल, अस्पताल वाले ओपेन कराते है क्योंकि इस खाते के तहत आप एक दिन मे अकाउंट मे जितना चाहे रूपए जमा और बाहर निकाल सकते है आप समझ सकते हो बिजनेस मैन, व्यापारी लोगो से बहुत लोग जुड़े होते है किसी को तनख्वाह, बिजनेस लेन देन के लिए कभी भी किसी भी वक्त रूपए की जरूरत हो जाती है इसलिए ये लोग करंट अकाउंट ओपेन कराते है ताकी कभी भी रूपए निकाल बाहर कर सके अगर बचत खाते कि बात किया जाए तो अनलिमिटेड जमा- बाहर बचत खाते मे नही किया जा सकता बचत खाते मे लिमिटेशन होती है! चालू खाते के लिए भी डेबिट, क्रेडिट कार्ड, चेक बूक के साथ-साथ मोबाईल बैंकिंग, नेटबैकिंग की सुविधा दी जाती है लेकिन चालू खाते मे जमा रूपए पर ब्याज नही मिलता है परंतू चालू खाते के लिए ऑभरड्राप्ट की फायदा अवश्य मिलता है ओवरड्राप्ट के अंतर्गत खाते मे जितना रूपए जमा है उससे भी अधिक निकाल सकते है!

सावधि खाता (Fixed Deposit Account) क्या है?

इस खाते के अंतर्गत आप एक छोट-मोटी रकम एक साल से दस साल के लिए एक बार मे डिपोजिट करा सकते है तय समय पर आपके डिपोजिट किया गया रूपए पर क्रमश 7-8% ब्याज मिलता है जो कि बचत खाते मे मिलने वाला ब्याज से कही ज्यादा होता है! एक बात ध्यान देने योग्य बाते है आप इस खाते को ओपेन कराते है जो भी राशी जितना दिन के लिए फिक्सड कराते है समय पुरने पर ही निकालने मे फायदा होता है समय से पहले निकासी करने के स्थिति मे बैंक पेनाल्टी लगाती है तय किया गया ब्याज नही देता ब्याज जरूर देगा लेकिन तय किया गया ब्याज दर से कम ब्याज दर जोड़कर देगा!

आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account) क्या है?

पैसे वाले लोगो के पास बहुत ज्यादा पैसे होते है इसलिए वे लोग एक बार मे मोटी रकम निश्चित समय के लिए डिपोजिट करा सकता है इसी को ध्यान मे रखते हुए बैंक द्वारा आवर्ती जमा खाता (Rd Account) बनाया गया है इसलिए आवर्ती खाते के तहत कोई गरीब भी महिने मे छोटी छोटी रकम जमा करके मोटी रकम बना सकता है जिसपर ब्याज क्रमश सावधि खाता (Fd Account) के बराबर ही प्राप्त किया जा सकता है!

दोस्तो शायद आपको पता चल गया होगा बैंक खाता कितने प्रकार के खोले जाते है आम लोगो के लिए कौन सी खाता ओपेन कराना फायदेमंद है यदि अभी भी कोई कंफ्यूजन है तो कमेन्ट के जरिए पूंछ सकते है!

Accounts कितने प्रकार के होते हैं तथा उनके Rules के बारे में Full जानकारी

हमें बहुत अच्छा लगा यह जानकर की आप हमारी साइट पर आकर Accounts के बारे में पढ़ते हैं और बहुत कुछ आपको सीखने को मिलता रहा है। आज फिर हम आपके लिए यह लेख प्रकाशित कर रहे हैं जिसमें आपको खातों (Accounts) के बारे में बताएंगे कि Accounts कितने प्रकार के होते हैं। Accounts के Rules क्या हैं और बताएंगे की खातों के अनुसार Journal में Entry कैसे की जाती है। अगर आप बैंक अकाउंट के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़िए, आपको Bank Accounts के प्रकार और उनके उपयोग के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

जर्नल में एंट्री करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि विचारहीन व्यवहार कौनसे दो खातों को प्रभावित करते हैं। इनमें से कौनसे खाते को Dr किया जाए और कौनसे खाते को Cr किया जाए। अतः अलग – अलग प्रकार के खातों एवम् उनसे Related नियमों की जानकारी हासिल करना आवश्यक है।

  • जर्नल (Journal) की पूरी जानकारी – Advantage and Defenition of Journal

खाते कितने प्रकार के होते हैं व उनके नियमों को विस्तार से समझाइए। Kinds of Accounts and Their Rules

खाते (Accounts) के तीन प्रकार होते हैं।

  • व्यक्तिगत खाता (Personal Account)
  • वस्तुगत या वास्तविक खाता (Real Account)
  • अवस्तुगत या आय व्यय से संबंधित या नाम मात्र का खाता (Nominal Account)

अब आपको यह तो पता चल गया होगा कि खाते कितने प्रकार के होते हैं। आइए अब हम आपको इनकी पहचान और नियमों के बारे में समझा देते हैं।

  • लेखांकन का अर्थ एवं परिभाषा । Manual Accounts क्या है

Feature में जब भी आप जर्नल या टैली में एंट्री करेंगे तो आपको ये नियम follow करने होंगे। इन नियमों के अनुसार ही आप व्यवसाय में होने वाले दो पक्षों के बीच व्यवहार में खातों को अलग अलग कर सकेंगे।

वह खाते जो किसी व्यक्ति, फर्म, संस्था अथवा कंपनी से संबंधित होते हैं। व्यक्तिगत (Personal) खाते कहलाते हैं।

For example: Shyam का खाता, Rani Account, Sanjay Account, Tarun Baverages Limited Account, Karnataka Vishvavidyalay Account, Life Insurance Corporation Account, Drawings Account, Capital Account, Bank Account etc.

अगर दो पक्षों के बीच लेन-देन में व्यक्तिगत खाता प्रभावित होता है तो यह नियम लागू होगा।
पाने वाले व्यक्ति के खाते को Debit करो तथा देने वाले व्यक्ति के खाते को Credit करो।

  • Debtors और Creditors क्या हैं । Business Information for The Accountant

2. वस्तुगत या वास्तविक खाता (Real Account) –

वह खाते जो किसी वस्तु या संपत्ति से संबंधित होते हैं वस्तुगत (Real) खाते कहलाते कहलाते हैं। इस खाते में वस्तुओं का लेनदेन तथा खरीदना और बेचना शामिल होता है।

For example: Furniture A/c, Machinery A/c, Building A/c, Cash A/c, Purchase A/c, Sales A/c, Purchase Return a/c, Sales Return Account etc. खाते वस्तुगत खाते के अन्दर आते हैं।

जर्नल में एंट्री करने का नियम –
जो वस्तु व्यापार में आती है उसे Debit करो और जो वस्तुएं पर से जाती है उसे Credit करो।

  • Business में Stock क्या है और Accounting में इसकी गणना कैसे की जाती हैं ?

3. अवास्तविक खाता (Nominal Account) –

Income or Expenses से Related Accounts जैसे कि लाभ हानि (loss and profit) खाता अवास्तविक (Nominal) खातों के अंतर्गत आते हैं। इन्हें नाम मात्र का खाता या आय व्यय से संबंधित खाता भी कहते हैं।
For Example: Insurance Premium Account, Salary a/c, Commission a/c, Intrest a/c, Office Expenses a/c, Wages a/c, Rent a/c, Depreciation of value a/c, Carriage Account etc. खाते Nominal अकाउंट के अंदर आते हैं।

जर्नल में लेखा करने के नियम –
समस्त व्यय एवं हानियों को Debit करो तथा समस्त आय एवं लाभ को Credit करो।
नॉमिनल खाते में आमदनी को क्रेडिट किया जाता है व खर्चों को डेबिट किया जाता है।

  • Business or Manual Accounting से Related Questions and Answers

आपने इस आर्टिकल में खातों के कितने प्रकार होते हैं व इनके नियम क्या हैं (What are the types of accounts in business and their rules) के बारे में पढ़ा। अगर आपको इस पोस्ट से कुछ फायदा हुआ है तो अपने मित्रों के साथ शेयर करें। हां अगर कोई कंफ्यूजन या कंटेंट को समझने पढ़ने में परेशानी हो रही हो तो कमेंट में पूछ सकते है। Good Luck!

बैंक एकाउंट कितने प्रकार के होते हैं ? Types of Bank Accounts in Hindi

Types of Bank Account in Hindi:- अपने पैसे सुरक्षित रखने के लिए बैंक अकाउंट सबसे सुरक्षित स्थान होता है। भारत में बहुत सारे सरकारी व प्राइवेट बैंक है, जहां पर आप अपना अकाउंट खुलवा कर उसमें अपने खाता कितने प्रकार के होते हैं? पैसे जमा करवा सकते हैं और अपने पैसे सुरक्षित रख सकते हैं। जितने भी बैंक है उन सभी का कार्य और सेवाएं लगभग एक जैसी है। लेकिन फिर भी इनके बीच थोड़ा बहुत अंतर भी देखने को मिल सकता है, जैसे उनके सेवा शुल्क, ब्याज दर आदि।

खैर बैंक अकाउंट चाहे आपको किसी भी बैंक में खुलवाना हो, लेकिन जब आप किसी भी बैंक में अकाउंट खुलवाएंगे, तो आपसे यह जरूर पूछा जाएगा कि आप कौनसा अकाउंट खुलवाना चाहते हैं ? इसलिए आपको यह पता होना जरूरी है कि बैंक अकाउंट कितने प्रकार के होते हैं ? कौनसे बैंक अकाउंट का क्या कार्य होता है ? या कौनसा बैंक अकाउंट किस काम आता है ? ताकि आप अपनी आवश्यकता के अनुसार सही बैंक अकाउंट खुलवा सकें और आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।

इसलिए आज के इस लेख में हम आपको यही बताने वाले हैं कि बैंक अकाउंट कितने प्रकार के होते हैं ? और कौनसे बैंक अकाउंट का क्या कार्य होता है ?

Types of Bank Accounts in Hindi || बैंक एकाउंट कितने प्रकार के होते हैं?

बैंक अकाउंट मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं। लेकिन बैंकों में ज्यादातर बचत खाता (saving account) और चालू खाता (current account) ही खुलवाए जाते हैं। बचत खाता और चालू खाता में क्या अंतर है ? इस पर हमने विस्तार से एक लेख में बताया है। अगर आप चाहें तो अभी वह लेख पढ़ सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे लिंक पर क्लिक करना है।

1. बचत खाता (Saving Account)

बैंक में यह सबसे ज्यादा खुलवाए जाने वाला बैंक अकाउंट है। सामान्य नागरिकों द्वारा यही बैंक अकाउंट खुलवाया जाता है। यह एक आम बचत खाता है जिसके अंदर आप अपने पैसे जमा करवा सकते हैं, जरूरत पड़ने पर निकलवा सकते हैं, इसके साथ ही आपको बहुत सारी सुविधाएं भी दी जाती है जैसे ATM, नेट बैंकिंग, चेक बुक आदि। इस अकाउंट में जमा राशि पर आपको कुछ प्रतिशत ब्याज भी दिया जाता है। सभी बैंकों का ब्याज अलग-अलग हो सकता है। इसलिए जो बैंक ज्यादा ब्याज दे रही हो, आप उसमें अपना सेविंग अकाउंट खुलवा सकते हैं।

बचत खाते में पैसों का लेनदेन करने की एक लिमिट भी होती है। आप यह लिमिट क्रॉस नहीं कर सकते है, अगर आप ऐसा करते हैं ? तो आपको बैंक की तरफ से पेनल्टी दी जा सकती हैं। लेकिन एक मध्यवर्गीय इंसान के लिए यह लिमिट काफी होती है, यह क्रॉस नही होती हैं।

2. चालू खाता (Current Account)

यह बैंक अकाउंट मुख्य रूप से बड़े बड़े बिजनेसमैन, उद्योगों और कंपनियों के द्वारा खुलवाया जाता है। इस बैंक अकाउंट में जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता है। इसके अलावा आपको इसमे वो सभी सेवाएं मिलती है जो की बचत खाते में मिलती हैं। इसके अतिरिक्त करंट अकाउंट में आपको ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलती है, जिसके जरिए आपके बैंक अकाउंट में जितने पैसे हैं, आप उससे ज्यादा पैसे भी अपने बैंक अकाउंट से निकलवा सकते हैं। यानी कि बैंक से उधार ले सकते है।

आप कितने पैसे बैंक से उधार ले सकते हैं ? यह आपके पिछले लेनदेन पर निर्भर करता है। करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की भी लिमिट होती है। जो कि ₹5000 से ₹25000 तक हो सकती है। यह सभी बैंकों के लिए अलग-अलग हो सकती है। अगर आप का बैंक बैलेंस इससे कम होता है, तो आपको बैंक की तरफ खाता कितने प्रकार के होते हैं? से पेनल्टी दी जा सकती है।

इसके अलावा आपको बता दे कि करंट अकाउंट से लेनदेन करने की कोई भी लिमिट नहीं होती है। आप जितना चाहे उतना ट्रांजैक्शन इस बैंक अकाउंट से कर सकते हैं। इसी लिए यह एकाउंट सिर्फ बड़ी बड़ी कंपनियों द्वारा खुलवाया जाता है, क्योंकि उनके daily लाखों, करोड़ो रुपये के लेनदेन होते है।

3. आवर्ती जमा खाता RD Account (Recurring Deposit Account)

आवर्ती जमा खाता उन लोगों के लिए होता है जो कि एक निश्चित राशि हर महीने एक निश्चित समय के लिए बैंक में जमा करवाना चाहते हैं। इस अकाउंट में आपको एक हर महीने एक निश्चित राशि इस अकाउंट में जमा करवानी पड़ती है, समय सीमा पूरी होने पर आप अपने सारे पैसे ब्याज सहित निकलवा सकते हैं। उसके बाद यह बैंक अकाउंट बंद कर दिया जाता है। हालांकि आरडी अकाउंट से आप अपने पैसे समय से पहले भी निकलवा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आप को बैंक द्वारा निर्धारित किए गए निर्देशों का पालन करना पड़ेगा, जिसमे आपको बैंक को कुछ पेंटली भी देनी पड़ सकती है।

यह अकाउंट इसलिए खुलवाया जाता है क्योंकि इसकी ब्याज दर बचत खाते से अधिक होती है। RD Account में आप कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक पैसे जमा करवा सकते हैं।

4. FD Account (Fixed Deposit Account) सावधि जमा खाता

FD का नाम आपने बहुत बार सुना होगा। लेकिन शायद आपको यह पता ना हो कि यह भी एक प्रकार का बैंक अकाउंट है, यह बैंक एकाउंट तब खुलवाया जाता है जब आपको एक निश्चित राशि एक निश्चित समय के लिए जमा करवानी हो, RD एकाउंट की तरह इसमे आपको हर महीने पैसे जमा करवाने की जरूरत नही होती है। बल्कि आपको एक निश्चित राशि FD एकाउंट खुलवाते समय ही जमा करवानी होती है, जो कि आप 1 से लेकर 10 साल तक करवा सकते है। उसके बाद आप अपनी तय की गई समय सीमा पूरी होने पर FD के सारे पैसे ब्याज सहित निकलवा सकते है। अगर आप चाहे तो FD एकाउंट के पैसे समय से पहले भी निकलवा सकते है, लेकिन इसके लिए आपको बैंक को पेनल्टी देनी पड़ेगी, यानी कि कुछ पैसे बैंक आपके एकाउंट से काट लेगा।

  • Cheque Bounce होना क्या होता है ? चेक बाउंस होने पर क्या करें ?

आज के इस लेख में आपने जाना कि बैंक अकाउंट कितने प्रकार के होते हैं ? उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें। इसके अलावा अगर आपको कोई सवाल या सुझाव हो तो आप नीचे कमेंट करके बता सकते हैं।

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