क्रिप्टोकरेंसी

Crypto मार्केट में आज आया सुधार, अधिकतर पॉपुलर ऑल्टकॉइन्स की कीमत में इजाफा

ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी पिछले 24 घंटों में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.

अरबपति Jeffrey Gundlach ने मार्केट मंदी में क्रिप्टो निवेश से किया किनारा

Jeffrey Gundlach का कहना है कि वो मार्केट के बियरिश ट्रेंड में क्रिप्टो पर्चेज नहीं करेंगे क्योंकि अभी फेडरेल रिजर्व की ओर से कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जो कि मार्केट पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं.

Shiba Inu क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य की कीमत में गिरावट, ETH व्हेल्स ने खरीदे 1.6 लाख करोड़ SHIB

भारतीय एक्सचेंज कॉइनस्विच कुबेर पर शिबा इनु की कीमत ₹ 0.000977 पर ट्रेड कर रही है जो कि पिछले 24 घंटों में 3.75% की गिरावट है.

Grayscale के फाउंडर को है Bitcoin के 1 लाख डॉलर पर पहुंचने का इंतजार

पिछले कुछ वर्षों में Nicholas ने बिटकॉइन को लेकर प्रतिकूल रवैया रखा है. उन्होंने मार्च में कहा था कि अगर बिटकॉइन एक लाख डॉलर पर भी पहुंचता है तो भी यह एक नाकामी होगी

Crypto एक्सचेंज ने 68 डॉलर रिफंड के बजाए कस्टमर को दिए 72 लाख डॉलर

इस मामले में कस्टमर ने एक्सचेंज को गलत रिफंड की सूचना देने के बजाय एक ज्वाइंट एकाउंट में रकम ट्रांसफर कर दी थी और अपनी बहन के लिए एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदने पर लगभग नौ लाख डॉलर खर्च किए थे

मार्केट एक्सपर्ट Jim Cramer ने दी क्रिप्टोकरेंसीज से बड़ा नुकसान होने की चेतावनी

पिछले महीने उन्होंने क्रिप्टो को सट्टेबाजी का आखिरी गढ़ बताया था. उनका कहना था कि क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस सेगमेंट की कुर्बानी दे सकता है

ईरान में ट्रेडर्स इम्पोर्ट के लिए कर सकेंगे क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

ईरान के कारोबारी व्हीकल्स और अन्य गुड्स के इम्पोर्ट के लिए डॉलर या यूरो में भुगतान के बजाय क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ग्लोबल बैंकिंग सिस्टम से ईरान बाहर है

Bitcoin 20 हजार डॉलर के पार, Ether ने भी पकड़ी रफ्तार, जानें क्रिप्‍टो मार्केट का ताजा हाल

ग्‍लोबल एक्सचेंजों पर बिटकॉइन की कीमत 20,406 डॉलर (लगभग 16.3 लाख रुपये) है.

बिटकॉइन समेत क्रिप्टो मार्केट में आज दिखा लाल रंग

शिबा इनु खबर लिखे जाने के समय पर $0.000013 (लगभग 0.001066 रुपये) पर ट्रेड कर रहा था

बिटकॉइन फैन माइक एल्फ्रेड 1 करोड़ Cardano टोकन चाहते हैं बांटना!

ट्विटर यूजर्स ने माइक की पोस्ट पर चुटकी भी ली और सवाल खड़े किए कि इतनी बड़ी होल्डिंग को कोई कैसे भूल सकता है

Gemini एक्सचेंज में व्हेल ने ट्रांसफर किए 4 हजार BTC

भेजे गए बिटकॉइन्स की कीमत 8.6 करोड़ डॉलर बताई गई क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य है

अफगानिस्तान में Crypto पर सख्ती, पुलिस ने बंद करवाए एक्सचेंज

अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों से सहायता प्राप्त करने में क्रिप्टोकरेंसीज से काफी मदद मिली थी। विदेश में मौजूद कुछ संगठनों ने सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल किया था

ETH व्हेल ने खरीदे 5300 करोड़ शिबा इनु, कीमत में 5% उछाल

Etherscan के आंकड़ों के अनुसार, व्हेल ने 5300 करोड़ शिबा इनु टोकनों की खरीद की है

बिलिनेयर Mark Cuban ने बताया Ethereum के लिए सपोर्ट का कारण

Cuban ने इसके प्राइस को लेकर को पूर्वानुमान नहीं दिया है. वह मानते हैं कि इस ब्लॉकचेन की उपयोगिता अधिक होने के कारण यह सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin से बेहतर है

हैकर्स ने चुराए 10 करोड़ डॉलर से अधिक के ​NFT

इस सेगमेंट में कारोबार बढ़ने के साथ ही स्कैम के मामलों में भी तेजी आई है. ऐसे कुछ मामलों में NFT खरीदने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. अमेरिका में इस सेगमेंट से जुड़े धोखाधड़ी के कुछ बड़े मामलों का खुलासा हुआ है

ईरान में गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग के कारण जब्त हुए हजारों माइनिंग इक्विपमेंट

चीन में Bitcoin की माइनिंग पर पिछले वर्ष बैन लगाया गया था. कैम्ब्रिज बिटकॉइन इलेक्ट्रिसिटी कंजम्प्शन इंडेक्स (CBECI) से पता चला है कि चीन में बिटकॉइन माइनिंग एक्टिविटीज में दोबारा तेजी आई है

Ethereum ब्लॉकचेन में बग पकड़ने वालों के लिए रिवॉर्ड में बढ़ोतरी

Ethereum माइनर्स को ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस का ऑर्डर देने के लिए बड़े सर्वर फार्म्स का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है और कार्बन एमिशन बढ़ता है

Crypto मार्केट में आया सुधार, Bitcoin, Ether समेत लगभग सभी टोकनों में बढ़त

Bitcoin Cash और Tron उन टोकनों में शामिल थे जिनमें आज हल्का नुकसान देखने को मिला है

Dogecoin अब अमेरिका में ग्रोसरी स्टोर्स पर भी खरीद के लिए उपलब्ध

खरीदारों को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए अपना Coinme अकाउंट बनाना होगा. जिसके बाद वो Coinstar मशीन पर कैश के बदले एक क्रिप्टो वाउचर पा सकेंगे

Ethereum व्हेल्स ने सेल किए 3 लाख करोड़ शिबा इनु, 1.29% तक सिमटी होल्डिंग

इससे पहले शिबा इनु होल्ड किए जाने टॉप 10 क्रिप्टो एसेट्स की लिस्ट में पहले स्थान पर था, लेकिन अब यह पांचवें स्थान पर आ गया है

Cryptocurrency का भारत में भविष्य क्या?

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)

भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य का भविष्य क्या होगा. ये संसद में आने वाले बिल के बाद तय होगा. क्योंकि बहुत जल्द सरकार संसद में क्रिप्टो करेंसी रेगुलेशन बिल पेश करने वाली है. ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लग गया तो उनके पैसे का क्या होगा. तो हम आपको पूरी रिसर्च के बात बताते हैं कि क्रिप्टो करेंसी पर आगे की राह क्या होगी. ऐसे में अगर बैन लग गया तो बैंक और आपके क्रिप्टो एक्सचेंज के बीच लेनदेन बंद हो जाएगा. क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए रुपये को डॉलर या दूसरी करेंसी में कन्वर्ट नहीं कर पाएंगे. साथ ही दूसरी करेंसी में खरीदे गए क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्रिप्टो कॉ़इन को बेचकर रुपये में ट्रांजेक्शन नहीं होगा.

भारत में कितना बड़ा है क्रिप्टो मार्केट?
आपको बता दें कि फिलहाल भारत में 10 करोड़ ऐसे निवेशक हैं. जिनका पैसा क्रिप्टोमार्केट में लगा है. दावा है कि करीब 6 लाख करोड़ रुपया इस वक्त भारतीयों का क्रिप्टो मार्केट में लगा है. इसमें औसतन हर निवेशख का 9 हजार रुपये का इनवेस्टमेंट है. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार की चिंता इसलिए है, क्योंकि 60 फीसदी निवेशक ऐसे हैं, जो छोटे शहरों से आते हैं। इसके अलावा निवेशकों की औसत उम्र 24 साल है. मतलब ज्यादातर युवा इस नए तरह के इनवेस्टमेंट मार्केट से जुड़े हैं.

क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल करेंसी में क्या फर्क?
क्रिप्टोकरेंसी आम करेंसी से अलग है. इसे न तो छू सकते हैं, न ही इससे कुछ खरीद सकते हैं, बल्कि इसे सिर्फ ऑनलाइन रख सकते हैं. चिंता की वजह ये है कि इस करेंसी को लेकर कोई रेग्युलेटर नहीं है. दुनिया की किसी सरकार का इस पर कंट्रोल नहीं है. इस वक्त दुनिया में 1,000 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी चलन में है और 308 से ज्यादा क्रिप्टो एक्सचेंज हैं. इस मार्केट की शुरुआत 2009 में हुई थी. इस करेंसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा होता है. कोरोना काल में तो भारत में क्रिप्टो मार्केट काफी ऊंचाई पर पहुंच चुका है, जबकि डिजिटिल करेंसी केंद्रीय बैंक की देनदारी होती है. इसे केंद्रीय बैंक ही जारी करता है, इसीलिए इसकी कीमतों पर केंद्रीय बैंक का कंट्रोल रहता है.

भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर कब क्या हुआ?
2018 में भारत में आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगा दिया, लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचा तो कोर्ट ने बैन हटा दिया, लेकिन क्रिप्टोमार्केट को लेकर चिंता जारी रहीं. 11 नवंबर 2021 को आरबीआई गवर्नर ने क्रिप्टो करेंसी पर गंभीर चिंताएं जाहिर की. इसके बाद 13 नवंबर 2021 को पहली बार पीएम मोदी ने क्रिप्टो मार्केट पर बैठक की. इस बैठक के बाद क्रिप्टो करेंसी पर लगातार सवाल उठने लगे. 15 नवंबर 2021 को संसदीय समिति में क्रिप्टो पर चर्चा की गई और संसदीय समिति में बैन की बजाय रेगुलेट करने पर बातचीत हुई. इसके बाद 18 नवंबर 2021 को सिडनी संवाद में पीएम मोदी ने क्रिप्टो पर एक बार फिर चिंता जाहिर की.

क्रिप्टो पर किस देश का क्या रुख
भारत में क्रिप्टो को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, लेकिन अल सल्वाडोर ने बिटकॉइन को लीगर टेंडर घोषित कर दिया, जबकि अमेरिका क्रिप्टोकरेंसी के हिसाब से अपनी नीतियां बना रहा है. दक्षिण कोरिया भी इस करेंसी को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रहा है. हालांकि चीन इस करेंसी का लगातार विरोध कर रहा है.

किन-किन क्रिप्टोकरेंसी के प्राइवेट होने का डर
जानकारों के मुताबिक कुछ क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी ऐसी हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध रही है. इसीलिए इन क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने की बात चल रही है. इसमें कुछ नाम इस तरह हैं. Monero(XMR), Dash Coin, Zcash(ZEC), Verge(XVG), Beam, Grin, Horizen(ZEN), Firo(FIRO), Byte Coin(BCN), UCoin और Delta. हालांकि 2019 में सरकार के पेश किए गए विधेयक के नाम में क्रिप्टोकरेंसी को बैन करना का जिक्र था, लेकिन 2021 आते आते विधेयक के नाम में से बैन शब्द हट गया है, जिसके बाद क्रिप्टो करेंसी के निवेशकों को उम्मीद जगी है. अब कुल मिलाकर अब इंतजार संसद में पेश होने वाले मसौदे का है, जिसमें ये तस्वीर साफ हो पाएगी, कि भारत में क्रिप्टो मार्केट चलता रहेगा या फिर निवेशकों की गाड़ी कमाई डूब जाएगी.

Cryptocurrency: क्या होगा भविष्य, क्या सुरक्षित है लोगों का पैसा, जानिए!

Cryptocurrency: क्या होगा भविष्य, क्या सुरक्षित है लोगों का पैसा, जानिए!

aajtak.in

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  • नई दिल्ली ,
  • 02 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

Cryptocurrency के भविष्य पर छाई धुंध जल्द ही छंटने वाली है क्योकि इस बार संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर बिल पेश किया जाएगा. भारतीय क्रिप्टो बाज़ार को क्रिप्टोकरेंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021(Official Digital Currency Bill, 2021) के पेश होने का बेसब्री से इंतज़ार था. इस बिल के पेश होने के साथ ही निर्मला सीथारमन ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान साफ़ किया कि बिल को कैबिनेट से मंजूरी का इंतज़ार है. संसद में क्रिप्टोकरेंसी के बारे में वित्त मंत्री ने क्या कहा, आइये देखते हैं वीडियो.

फीचर आर्टिकल: क्रिप्टोकरेंसी की भारत में स्थिति और निवेशकों का भविष्य

पिछले कुछ समय में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश सबसे हॉट इन्वेस्टमेंट के रूप में उभरा है। खासकर युवा निवेशकों के बीच यह तेजी से लोकप्रिय हुआ है। परंपरागत रूप से सुरक्षित तरीके से पैसा लगाने वाले निवेशक भी इसमें लगातार दिलचस्पी ले रहे हैं।

जहां एक और ब्लॉकचेन की मुख्य भूमिका वाले वेब 3.0 की बात हो रही है, वहीं देश में स्टार्टअप कल्चर भी तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसे में दुनिया की सबसे अधिक युवा आबादी वाले देशों में शुमार भारत इस कल्चर को तेजी से अपना रहा है और ब्लॉकचेन आधारित तकनीकों पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

क्रिप्टो टैक्स: क्रिप्टो निवेश अब मुख्यधारा में आ चुका है
भारत में क्रिप्टोकरेंसी निवेशक हमेशा से इस बात को लेकर आशंकित रहे हैं कि देश में यह निवेश कानूनी रूप से वैध है या नहीं! इसी धारणा को स्पष्ट करने के लिए पहली बार देश में इस साल के बजट में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स की बात की गई है।

इस वर्ष के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर अब 30 प्रतिशत कर लगेगा। कराधान उद्देश्य के लिए, क्रिप्टोकरेंसी को अब वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है।

इसके अलावा, लेन-देन के विवरण को विनियमित और कैप्चर करने के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज या किसी अन्य भुगतानकर्ता द्वारा क्रिप्टोकरंसी के विक्रेता से 1 प्रतिशत टीडीएस की कटौती का भी प्रावधान किया गया है, यदि कुल भुगतान 10,000 रुपए वार्षिक से ऊपर है। यह प्रावधान 1 जुलाई 2022 से लागू किए जा रहे हैं।

इस तरह से कहा जा सकता है कि अब भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हो चुका है। जहां तक अधिक कर की बात है तो यह एक लचीली व्यवस्था है। यह शुरुआती समय है और आने वाले समय में इस पर अधिक विचार किया जाएगा। इसके बाद निवेशकों को हित को देखते हुए इसमें आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

भारत बन रहा वेब 3.0 हब
वेब3 या वेब 3.0 एक नई शब्दावली है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। इसका अर्थ एक ऐसे इंटरनेट स्पेस से है, जो विकेन्द्रीकृत प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। सरल शब्दों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के पास इंटरनेट चरण के स्वामी होने की शक्ति होती है। इसके अनुसार इंटरनेट की दुनिया में आम इंटरनेट उपयोगकर्ता शेयरधारक होंगे।

वेब 3.0 मूल रूप से यह निर्धारित करता है कि किसी दिए गए इंटरनेट व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र में भाग लेने वाले सभी विभिन्न हितधारक अपने डेटा पर नियंत्रण कैसे बनाए रखते हैं। अच्छी बात यह है कि भारत धीरे-धीरे वेब 3.0 क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य अर्ली एडॉप्टर के रूप में विकसित हो रहा है, जिसमें पूरे देश में कार्यक्रमों की योजना तेजी से बनाई जा रही है।

वेब 3.0 में इकोसिस्टम के लिए क्रिप्टो एसेट की जरूरत होती है और यही वजह है कि वेब 3.0 क्रिप्टो करेंसी के अभाव में सफल नहीं हो सकता। नए इकोसिस्टम में एक्सचेंज के मीडियम के रूप में क्रिप्टोकरेंसी का होना जरूरी है। यही कारण है कि वेब 3.0 का क्रेज क्रिप्टो व्यापार को और आगे ले जाएगा।

भारत में क्रिप्टो निवेश: लगातार विकास के पथ पर अग्रसर
भारत में क्रिप्टो निवेशक और HODLers उत्साहित हैं और आशावाद से भरे हुए हैं। HODLers शब्द का चलन क्रिप्टो करेंसी को खरीदकर उसे लंबे समय तक होल्ड करने वाले लोगों के लिए किया जाता है। भारत में क्रिप्टो को वैधानिक मान्यता मिलने, वेब 3.0 को जल्दी अपनाने की स्पर्धा और निवेश के लिए आधुनिक विकल्प ने अग्रणी क्रिप्टो एक्सचेंजों रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ाई है।

कॉइनस्विच कुबेर प्लेटफॉर्म पर 15 मिलियन यानी डेढ़ करोड़ से अधिक यूजर्स हैं और कंपनी अपनी वर्कफोर्स को दिसंबर 2022 तक 1000 तक पहुंचाना चाहती है। कॉइनस्विच भारत का पहला ऐसा क्रिप्टो एक्सचेंज होगा, जो अपनी टीम में वेब 3.0 इंजीनियर्स की भर्ती करेगा। इसके अलावा​ क्रिप्टो के निवेशक इस वजह से भी बढ़ रहे हैं क्योंकि लोग बड़े पैमाने पर निवेश के दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

इसमे शामिल है: एनएफटी, मेटावर्स-संचालित निवेश और डिफाइ-आधारित निवेश।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भारत में क्रिप्टो में काफी संभावनाएं हैं। निवेशकों की दिलचस्पी के साथ ही वेब 3.0 के विकास की वजह से क्रिप्टो समय की मांग बन चुके हैं। आधुनिक युग में नवीनतम तकनीकों के साथ यदि किसी निवेश को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है तो वह क्रिप्टो निवेश ही है।

Cryptocurrency in India: भारत में क्रिप्टोकरेंसी का क्या होगा भविष्य, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- सरकार इसे लेकर.

भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का चलन बढ़ रहा है. लोग इसमें अपना पैसा लगा रहे हैं, लेकिन भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या होगा. इसे लेकर वित्त मंत्री ने बयान दिया है.

Published: December 4, 2021 8:40 PM IST

Nirmala Sitharaman

Cryptocurrency in India: भारत में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का चलन बढ़ रहा है. लोग इसमें अपना पैसा लगा रहे हैं, लेकिन भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या होगा. इसे लेकर अभी बहुत कुछ साफ़ नहीं है, लेकिन ये तय है कि सरकार इसके पक्ष में नहीं है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बयान दिया है. सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के विनिमयन की तैयारियों के बीच उनका यह बयान आया है. सीतारमण ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर कई तरह की अटकलें चल रही हैं और ये अटकलें अच्छी बात नहीं हैं. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अच्छी तरह से विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया विधेयक मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद निश्चित रूप से संसद में आने जा रहा है.

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एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘बहुत सारी अटकलें चल रही हैं… ये बिल्कुल ठीक बात नहीं हैं.’’ क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा का नियमन विधेयक, 2021 को लोकसभा के बुलेटिन-भाग दो में शामिल किया गया है. इसे शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जाएगा. बुलेटिन में कहा गया है कि यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के लिए एक सुविधाजनक रूपरेखा तैयार करने से संबंधित है.

इसमें देश में सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध का प्रावधान भी है. हालांकि यह क्रिप्टोकरेंसी में अंतर्निहित तकनीक को बढ़ावा देने और उसके इस्तेमाल के लिए कुछ अपवादों की अनुमति देता है. इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यसभा में सीतारमण ने कहा था कि नए विधेयक में वर्चुअल मुद्रा के क्षेत्र में आ रहे बदलावों का ध्यान रखा जाएगा और इसमें पुराने विधेयक की उन चीजों को भी शामिल किया जाएगा जिन्हें पहले नहीं लिया जा सका था.

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार का मीडिया में भ्रामक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है, उन्होंने कहा कि भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के दिशानिर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है और उनके नियमनों पर भी गौर किया जा रहा है, ताकि हम जरूरत पड़ने पर किसी तरह का रुख अपना सकें या कोई फैसला ले सकें. उन्होंने कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक लोगों को क्रिप्टोकरेंसी से आगाह कर रहे हैं. यह काफी ऊंचे जोखिम वाला क्षेत्र है.

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